सामूहिक पूजा
गुरु (बृहस्पति) ग्रह शांति पूजा
गुरुवार को हवन सहित 19,000 गुरु (बृहस्पति) मंत्र जाप

🎉 विशेष अवसर: गुरु पूर्णिमा — सोमवार, 15 जुलाई 2030
अगली उपलब्ध तिथियां
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 5 नवंबर 2026
- गुरुवार, 12 नवंबर 2026
- गुरुवार, 19 नवंबर 2026
परिचय
वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, धर्म, संतान, पति (स्त्रियों हेतु), धन और गुरुजन के कारक हैं। कुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमजोर, नीच, वक्री या पीड़ित हों, या उनकी महादशा-अंतर्दशा चल रही हो, तो विवाह में देरी, संतान संबंधी समस्या, मार्गदर्शन का अभाव और यकृत रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गुरु (बृहस्पति) ग्रह शांति पूजा इसका वैदिक उपाय है: पीला पुष्प और वस्त्र से ग्रह का मंडल पर आवाहन होता है, शास्त्र अनुसार 19,000 बीज मंत्र जाप किया जाता है और पीपल की समिधा से हवन द्वारा अनुष्ठान पूर्ण होता है। आपके नाम से चने की दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, पुस्तकें का दान किया जाता है। पूजा गुरु (बृहस्पति) के वार गुरुवार को होती है।
लाभ
- कमजोर या पीड़ित गुरु (बृहस्पति) को बल
- गुरु (बृहस्पति) महादशा / अंतर्दशा में राहत
- ज्ञान और धर्म संबंधी मामलों में सुधार
- रत्न धारण का विकल्प या पूरक
ही पूजा कोणी करावी
- कुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमजोर, नीच या पीड़ित हों
- गुरु (बृहस्पति) महादशा या अंतर्दशा वाले
- विवाह में देरी झेल रहे लोग
पूजा विधी
- नाम, गोत्र और जन्म विवरण से संकल्प
- गुरु (बृहस्पति) मंडल स्थापना और पूजन
- 19,000 बीज मंत्र जाप
- पीपल समिधा से हवन
- दान संकल्प: चने की दाल, हल्दी, पीला वस्त्र, पुस्तकें
मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन अवंतिका नगरी उज्जैन भारतीय काल-गणना का केंद्र (शून्य रेखांश) रही है, इसलिए महाकाल को समय के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। प्रातःकालीन भस्म आरती विश्वविख्यात है। महाकाल क्षेत्र में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प शांति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
अधिक वाचा →वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
क्या इसकी जगह पुखराज पहनें?
रत्न ग्रह की शक्ति बढ़ाता है और केवल सही कुंडली विश्लेषण के बाद ही पहनना चाहिए। शांति पूजा सभी के लिए सुरक्षित है और बिना दुष्प्रभाव गुरु (बृहस्पति) को शांत करती है।
गुरु (बृहस्पति) पूजा के लिए श्रेष्ठ दिन?
गुरुवार और जब चंद्रमा गुरु (बृहस्पति) के नक्षत्र में हो।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।
