विशेष वैदिक अनुष्ठान
काल भैरव पूजा, उज्जैन
शत्रु, भय और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

🎉 विशेष अवसर: होलिका दहन — शुक्रवार, 10 मार्च 2028
अगली उपलब्ध तिथियां
- शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 — कालाष्टमी
- रविवार, 4 अक्टूबर 2026
- रविवार, 11 अक्टूबर 2026
- रविवार, 18 अक्टूबर 2026
- रविवार, 25 अक्टूबर 2026
- रविवार, 1 नवंबर 2026 — कालाष्टमी
- रविवार, 8 नवंबर 2026 — दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- रविवार, 15 नवंबर 2026
परिचय
शिव के उग्र स्वरूप और उज्जैन के कोतवाल काल भैरव भक्तों की भय, शत्रु, नजर दोष और तंत्र बाधा से रक्षा करते हैं। कालाष्टमी और रविवार की पूजा सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है। पूजा में भैरव पूजन, भैरव अष्टक पाठ, पारंपरिक भोग और सरसों तेल का दीपदान होता है।
लाभ
- शत्रु और नजर दोष से रक्षा
- भय, चिंता और बुरे सपनों से राहत
- कानूनी और कोर्ट मामलों में सहायता
- राहु और शनि बाधा का निवारण
ही पूजा कोणी करावी
- शत्रु या छिपे विरोध का सामना करने वाले
- भय या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान
- कानूनी विवादों में उलझे लोग
पूजा विधी
- संकल्प
- भैरव पूजन और श्रृंगार
- काल भैरव अष्टक पाठ
- भोग और दीपदान
मंत्र
ॐ काल भैरवाय नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
काल भैरव मंदिर, उज्जैन
काल भैरव को उज्जैन का कोतवाल माना जाता है। यह मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है क्योंकि यहाँ भगवान को मदिरा का भोग लगाया जाता है, जो कापालिक और अघोर परंपरा से जुड़ा है। शत्रु बाधा, भय, तंत्र बाधा और कोर्ट-कचहरी की समस्याओं से रक्षा हेतु यहाँ भैरव पूजा की जाती है।
अधिक वाचा →वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
क्या मदिरा भोग शामिल है?
मंदिर परंपरा अनुसार पारंपरिक भोग शामिल है।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।
