सामूहिक पूजा
वास्तु शांति पूजा
घर, दुकान या ऑफिस का वास्तु दोष निवारण

🎉 विशेष अवसर: गणेश चतुर्थी — बुधवार, 27 अगस्त 2025
अगली उपलब्ध तिथियां
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
- सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 — पूर्णिमा
- गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 5 नवंबर 2026
- गुरुवार, 12 नवंबर 2026
परिचय
वास्तु शांति में वास्तु पुरुष और वास्तु मंडल के 45 देवताओं को शांत कर घर, दुकान या ऑफिस के निर्माण या बनावट के दोष दूर किए जाते हैं। यह गृह प्रवेश से पहले, नवीनीकरण के बाद, या जब रहने वालों को बार-बार रोग, कलह या हानि हो, तब कराई जाती है। पूजा उज्जैन में आपकी संपत्ति के पते के संकल्प से होती है; अभिमंत्रित वास्तु यंत्र कूरियर से भेजा जा सकता है।
लाभ
- तोड़फोड़ के बिना वास्तु दोष निवारण
- घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा
- निवासियों को स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि
ही पूजा कोणी करावी
- नए घर या ऑफिस के मालिक
- शिफ्ट होने के बाद समस्या झेल रहे
- ठहराव वाली दुकानें और व्यापार
पूजा विधी
- संपत्ति के पते से संकल्प
- वास्तु मंडल और नवग्रह पूजन
- वास्तु मंत्र जाप
- हवन और यंत्र अभिमंत्रण
मंत्र
ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान्
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन अवंतिका नगरी उज्जैन भारतीय काल-गणना का केंद्र (शून्य रेखांश) रही है, इसलिए महाकाल को समय के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। प्रातःकालीन भस्म आरती विश्वविख्यात है। महाकाल क्षेत्र में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प शांति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
अधिक वाचा →वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
क्या वास्तु शांति दूर से हो सकती है?
हाँ, संकल्प में पता लेकर। आपके घर पर गृह प्रवेश हेतु बुकिंग नोट में लिखें, हम स्थानीय पंडित की व्यवस्था का प्रयास करेंगे।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।
