सामूहिक पूजा
कालसर्प दोष पूजा उज्जैन
सिद्धवट पर अनुभवी उज्जैनी पंडितों द्वारा व्यक्तिगत वैदिक शांति

🎉 विशेष अवसर: महाशिवरात्रि — गुरुवार, 20 फ़रवरी 2031
अगली उपलब्ध तिथियां
- सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 — मासिक शिवरात्रि
- शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 — शनि अमावस्या
- सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
- सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
- सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
- सोमवार, 2 नवंबर 2026
- शनिवार, 7 नवंबर 2026 — मासिक शिवरात्रि
परिचय
जन्म कुंडली में जब सातों ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। इस योग वाले लोगों को बार-बार रुकावटें, विवाह या करियर में देरी, अचानक हानि, सांप के डरावने सपने और मेहनत का फल न मिलने जैसी समस्याएं होती हैं। महाकाल और क्षिप्रा की नगरी उज्जैन इसकी शांति के लिए सर्वाधिक पूज्य स्थानों में से है। इस पूजा में हमारे पंडित आपके नाम और गोत्र से गणेश-गौरी पूजन, नवग्रह पूजन, राहु-केतु जाप, चांदी के नाग-नागिन का पूजन, रुद्राभिषेक और हवन करते हैं तथा अंत में नाग जोड़े का क्षिप्रा में विसर्जन करते हैं।
लाभ
- राहु-केतु से होने वाली बाधाएं और देरी कम होती हैं
- मानसिक शांति और डरावने सपनों से मुक्ति
- करियर, व्यापार और धन में स्थिरता
- विवाह और संतान में आ रही देरी दूर होती है
- स्वास्थ्य और परिवार में सामंजस्य
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- जिनकी कुंडली में पूर्ण या आंशिक कालसर्प योग है
- जिन्हें मेहनत के बाद भी बार-बार असफलता मिलती है
- जिन्हें सांप के सपने आते हैं या हमेशा भय रहता है
- जिन्हें ज्योतिषी ने राहु-केतु शांति की सलाह दी है
पूजा विधि
- आपके नाम, गोत्र और मनोकामना से संकल्प
- गणेश, गौरी और कलश पूजन
- नवग्रह पूजन और राहु-केतु मंत्र जाप
- चांदी के नाग-नागिन का पूजन और रुद्राभिषेक
- हवन, पूर्णाहुति और क्षिप्रा में विसर्जन
मंत्र
ॐ नमः शिवाय | ॐ रां राहवे नमः | ॐ कें केतवे नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
सिद्धवट, उज्जैन
सिद्धवट क्षिप्रा तट पर स्थित प्राचीन वटवृक्ष है, जो अक्षयवट (प्रयागराज), वंशीवट (वृंदावन) और गयावट (गया) के साथ देश के चार पवित्र वटों में गिना जाता है। पिंडदान, तर्पण, नारायण बलि, पितृ दोष शांति और कालसर्प दोष पूजा के लिए यह प्रमुख तीर्थ है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मुझे उज्जैन आना होगा?
नहीं। पंडित जी आपके संकल्प से पूरी पूजा करते हैं। संकल्प और पूजा का वीडियो आपके बुकिंग पेज पर मिलता है, और लाइव पैकेज में आप वीडियो कॉल से जुड़ भी सकते हैं।
कालसर्प पूजा के लिए कौन सा दिन श्रेष्ठ है?
नाग पंचमी वर्ष का सर्वश्रेष्ठ दिन है। अमावस्या, मासिक शिवरात्रि और सोमवार भी उत्तम हैं। पंडित जी चुनी गई तारीख में शुभ मुहूर्त निकालते हैं।
पूजा में कितना समय लगता है?
हवन सहित लगभग 2.5 से 3 घंटे।
क्या परिवार के सदस्य के लिए करा सकते हैं?
हाँ, बुकिंग के समय उनका नाम, गोत्र और जन्म विवरण भरें।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

