विशेष वैदिक अनुष्ठान
मंगल दोष भात पूजा, मंगलनाथ उज्जैन
मंगल ग्रह की जन्मभूमि पर मांगलिक दोष का प्रसिद्ध उपाय

🎉 विशेष अवसर: हनुमान जयंती — रविवार, 9 अप्रैल 2028
अगली उपलब्ध तिथियां
- मंगलवार, 29 सितंबर 2026 — अंगारकी संकष्टी चतुर्थी
- मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 — संकष्टी चतुर्थी
- मंगलवार, 3 नवंबर 2026
- मंगलवार, 10 नवंबर 2026
परिचय
कुंडली में मंगल जब पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो तो व्यक्ति मांगलिक कहलाता है। मंगल दोष विवाह में देरी, दांपत्य में कलह, क्रोध और दुर्घटनाओं से जुड़ा माना जाता है। उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह की जन्मभूमि माना जाता है और यहाँ की भात पूजा सबसे विश्वसनीय उपाय है। इसमें शिवलिंग (मंगल स्वरूप) पर दही मिले पके चावल का लेप किया जाता है, जिससे मंगल की उग्र ऊर्जा शांत होती है। पूजा में नवग्रह पूजन, मंगल मंत्र जाप, भात पूजन और आरती होती है।
लाभ
- विवाह पर मंगल के उग्र प्रभाव की शांति
- योग्य जीवनसाथी मिलने में आ रही देरी दूर होती है
- क्रोध, विवाद और दुर्घटनाओं में कमी
- भूमि, संपत्ति और कर्ज संबंधी मामलों में सहायता
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- विवाह से पहले मांगलिक युवक-युवतियां
- बार-बार कलह झेल रहे दंपति
- जिनका मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में है
- भूमि या कर्ज की समस्या वाले
पूजा विधि
- नाम, गोत्र और जन्म विवरण से संकल्प
- गणेश और नवग्रह पूजन
- मंगल बीज मंत्र जाप
- मंगलनाथ का भात श्रृंगार और पूजन
- आरती और प्रसाद
मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
मत्स्य पुराण के अनुसार उज्जैन मंगल ग्रह की जन्मभूमि है और क्षिप्रा तट पर स्थित मंगलनाथ मंदिर उसी पवित्र स्थान पर है। मंगल दोष (मांगलिक दोष) निवारण के लिए यह देश का सर्वप्रमुख स्थान है। यहाँ होने वाली विशेष भात पूजा, जिसमें मंगल की उग्रता शांत करने हेतु शिवलिंग का पके चावल से श्रृंगार किया जाता है, केवल यहीं होती है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भात पूजा केवल उज्जैन में ही क्यों?
मंगलनाथ को मंगल ग्रह की जन्मभूमि माना जाता है, इसलिए भात पूजा की परंपरा उज्जैन (मंगलनाथ और अंगारेश्वर) की विशेषता है।
कौन सा दिन श्रेष्ठ है?
मंगलवार, और विशेषकर अंगारकी संकष्टी चतुर्थी।
क्या इससे विवाह में देरी दूर होती है?
यह मांगलिक दोष का पारंपरिक उपाय है। परिणाम पूरी कुंडली और कर्म पर निर्भर करते हैं; हम किसी निश्चित परिणाम का वादा नहीं करते।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।


