विशेष वैदिक अनुष्ठान
नारायण नागबली पूजा
परिवार में अकाल मृत्यु और सर्प दोष हेतु तीन दिवसीय विधान

🎉 विशेष अवसर: पितृ पक्ष (श्राद्ध) — रविवार, 3 सितंबर 2028
अगली उपलब्ध तिथियां
- मंगलवार, 29 सितंबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 4)
- बुधवार, 30 सितंबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 5)
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 6)
- शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 7)
- शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 8)
- रविवार, 4 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 9)
- सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 10)
- मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 11)
परिचय
नारायण बली अकाल या अप्राकृतिक मृत्यु वाले पितरों की मुक्ति के लिए और नागबली सर्प हत्या दोष निवारण के लिए की जाती है। स्कंद और पद्म पुराण में नारायण नागबली को पितृ दोष, संतानहीनता और लगातार दुर्भाग्य के लिए बताया गया है। यह परंपरागत रूप से त्र्यंबकेश्वर में तीन दिनों में होती है।
लाभ
- अकाल मृत्यु वाली आत्माओं की मुक्ति
- सर्प हत्या दोष का निवारण
- पितृ दोष और संतान बाधा से राहत
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- परिवार में अकाल/अप्राकृतिक मृत्यु
- सर्प दोष या संतानहीनता
पूजा विधि
- पहला दिन: विष्णु पूजन सहित नारायण बली
- दूसरा दिन: नाग पूजन सहित नागबली
- तीसरा दिन: श्राद्ध, पिंडदान और दान
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक
गोदावरी उद्गम के निकट त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक तीन मुख हैं। नारायण नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध और कालसर्प दोष शांति के लिए यह देश का सबसे प्रसिद्ध स्थान है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या उपस्थिति जरूरी है?
परंपरा में कर्ता उपस्थित रहते हैं। संभव न हो तो प्रतिनिधि संकल्प से हो सकती है; बुकिंग के बाद हमारी टीम मार्गदर्शन करेगी।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।
