विशेष वैदिक अनुष्ठान
चैत्र नवरात्रि 2030: तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
📅 बुधवार, 3 अप्रैल 2030 → गुरुवार, 11 अप्रैल 2030
| तिथि आरंभ | 03:32 AM, 3 Apr |
|---|---|
| तिथि समाप्त | 05:19 AM, 4 Apr |
| सूर्योदय / सूर्यास्त (उज्जैन) | 06:17 AM / 06:43 PM |
| नक्षत्र | रेवती (तक 01:21 AM, 4 Apr) |
| प्रदोष काल | 06:43 PM – 09:01 PM |
| राहु काल (वर्जित) | 12:30 PM – 02:03 PM |
समय उज्जैन (IST) के अनुसार। अपने शहर का समय पंचांग में देखें.
महत्व
चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होती है, जो हिंदू नववर्ष (गुड़ी पड़वा / उगादी) भी है। नौ दिन माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना होती है और रामनवमी पर पूर्ण होती है।
देवता: Maa Durga
चैत्र नवरात्रि की विशेष पूजाएं
अन्य वर्षों में
- चैत्र नवरात्रि 2025: रविवार, 30 मार्च 2025
- चैत्र नवरात्रि 2027: बुधवार, 7 अप्रैल 2027
- चैत्र नवरात्रि 2028: सोमवार, 27 मार्च 2028
- चैत्र नवरात्रि 2029: शनिवार, 14 अप्रैल 2029
- चैत्र नवरात्रि 2030: बुधवार, 3 अप्रैल 2030
- चैत्र नवरात्रि 2031: सोमवार, 24 मार्च 2031
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
चैत्र नवरात्रि 2030 कब है?
उज्जैन पंचांग अनुसार चैत्र नवरात्रि 2030 बुधवार, 3 अप्रैल 2030 को है और 11 अप्रैल 2030 तक चलेगा।
चैत्र नवरात्रि 2030 की तिथि कब से कब तक है?
तिथि 03:32 AM, 3 Apr से 05:19 AM, 4 Apr तक रहेगी (IST)।
चैत्र नवरात्रि पर कौन सी पूजा करें?
चैत्र नवरात्रि पर नवचंडी यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी महायज्ञ, नवरात्रि सामूहिक दुर्गा पूजा और हवन विशेष फलदायी मानी जाती हैं।
