विशेष वैदिक अनुष्ठान
कुंभ विवाह / अर्क विवाह (मांगलिक दोष)
प्रबल मंगल दोष के लिए विवाह पूर्व शास्त्रीय उपाय

अगली उपलब्ध तिथियां
- मंगलवार, 29 सितंबर 2026
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
- मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
परिचय
प्रबल मांगलिक दोष में शास्त्र विवाह से पहले प्रतीकात्मक विवाह का विधान बताते हैं: कन्या के लिए कुंभ विवाह (विष्णु प्रतिष्ठित कलश से विवाह) और वर के लिए अर्क विवाह (अर्क/आक के पौधे से विवाह)। मान्यता है कि मंगल का अशुभ प्रभाव पहले "विवाह" पर चला जाता है और वास्तविक विवाह सुरक्षित रहता है। इसमें गणेश पूजन, विष्णु पूजन, संकल्प और फेरों सहित पूर्ण विवाह विधि होती है।
लाभ
- प्रबल मांगलिक दोष का पारंपरिक उपाय
- भावी वैवाहिक जीवन की रक्षा
- विवाह से पहले एक बार किया जाता है
ही पूजा कोणी करावी
- प्रबल मंगल दोष वाली कन्या (कुंभ विवाह)
- प्रबल मंगल दोष वाले वर (अर्क विवाह)
पूजा विधी
- संकल्प और गणेश पूजन
- विष्णु पूजन और कलश स्थापना
- मंत्रों सहित विवाह विधि
- हवन और आशीर्वाद
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
मत्स्य पुराण के अनुसार उज्जैन मंगल ग्रह की जन्मभूमि है और क्षिप्रा तट पर स्थित मंगलनाथ मंदिर उसी पवित्र स्थान पर है। मंगल दोष (मांगलिक दोष) निवारण के लिए यह देश का सर्वप्रमुख स्थान है। यहाँ होने वाली विशेष भात पूजा, जिसमें मंगल की उग्रता शांत करने हेतु शिवलिंग का पके चावल से श्रृंगार किया जाता है, केवल यहीं होती है।
अधिक वाचा →वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
क्या व्यक्ति का उपस्थित होना जरूरी है?
कुंभ/अर्क विवाह आदर्श रूप से स्वयं उपस्थित होकर होता है। न आ सकें तो पंडित जी प्रतिनिधि संकल्प से करते हैं और आप वीडियो पर लाइव जुड़ते हैं।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

